youva shatriya sena

आज इस बढ़ते नये दौर में हमारा युवा अपने बुनियादी लक्ष्य से बहुत दूर है, वह एक लक्ष्यहीन निरूद्देश्य सोच को लिये हुये है। निरूद्देश्य होना कार्य करना, पढ़ना, बढ़ना आदि के लिऐ सुप्त अवस्था है जो कि एक नई सोच –दृढसंकल्प और कठोर प्रतिज्ञा से दूर हो सकती है।
मेरा सोचना यह है कि जीवन में एक बडे लक्ष्य को पाने के लिये हमें छोटे-छोटे लक्ष्यों को पूरा करना होगा। अपना हर कार्य बडी तल्लीनता से, बड़ी लगन से करना और उसे बेहतर बनाना भी एक छोटे लक्ष्य का भाग हैं। हर छोटे-छोटे कार्य को अपनी पूरी शिद्दत से करना चाहिए। पूरी लगन से किया हुआ हर कार्य जरूर सफल होता है। एक उपयुक्त लक्ष्य न होने से अपने स्वर्णिम समय को व्यर्थ गंवाना, अपनी क्षमताओं को कम आंकना यह सोच हमें एक निराशावादी सोच की ओर ले जाता है। यह एक विना सोचा उठाया गया कदम समाज में भ्राँतियां उत्पन्न करता है।
मेरा सोचना है कि सबसे पहले अच्छे मित्रों का चयन होना परम आव’यक है किन्तु बुरी संगत के कारण नवयुवक अपने लक्ष्य से भ्रमित हो जाते हैं। मित्र बनाना और मित्रता को महत्वता देना यह आज की एक नई सोच है।
याद रखो हम अकेले आए हैं, अकेले जायेंगे। हमारा लक्ष्य भी हम लोग तय करेगे कोई अन्य नहीं। हर एक छोटे कार्य की पूर्व योजना होनी चाहिए तथा जिसका एक उपयुक्त उद्देश्य होना चाहिए और इस पर प्रसिद्ध लेखक चेतन भगत कहते हैं कि निरन्तर प्रयास ही सफलता पाने का एक अचूक मंत्र है। आप उस बढ़ते हुये तकनीकि युग में हैं जहाँ सोशल नेटवर्किग एक बड़ी आवश्यकता बन चुका है जिसमें सोशल साइट गूगल ने हमारे गुरू का स्थान ले लिया है, उस समय हमें हमारे सवालों का जवाव देने के लिये गुरू प्रधान था जो कि आज गूगल हमें हर सवाल का जबाव दे सकता है परन्तु हमें सही रास्ते पर लाने, एक दिशा दिखाने और समय समय पर अभिप्रेरित करने के लिये एक गुरू की आव’यकता है।
यदि शनिवार रविवार हमें उत्प्रेरित न करें तो हमें अपने दोस्त बदल देना चाहिए और सोमवार उत्प्रेरित न करें तो हमे अपना दैनिक जीवन कार्य बदल देना चाहिए।
सम्पूर्ण ज्ञान जो कि दुनियाँ ने दिमाग से पाया है, ब्रम्हाँड अनंत ज्ञान की कुंजी है जो कि दिमाग में है अर्थात हमें अपनी क्षमताओं को दिशा देकर अपने लक्ष्य की ओर निरन्तर बढ़ते रहना चाहिये।

Hits: 1

Updated: March 15, 2019 — 9:20 am

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *